27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, शेयर कीमत 10% तक बढ़ी, ₹9,450 करोड़ की चुनौती, 20 करोड़ ग्राहकों के हित में
Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। 27 अक्टूबर को कोर्ट ने सरकार को Adjusted Gross Revenue यानी AGR के बकाए को दोबारा परखने की अनुमति दे दी। मुख्य न्यायाधीश B R Gavai की बेंच ने कहा कि कोई कारण नहीं है कि सरकार इस मुद्दे पर दोबारा विचार न करे। यह फैसला Vodafone Idea के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि यह कंपनी बहुत कठिन समय से गुजर रही है।
इस खबर से VI के शेयर की कीमत में तेजी आई। शेयर बाजार में stock 10% तक बढ़ गया और 52-week का highest level छू गया। निवेशकों को लगा कि अब कंपनी को कुछ सहायता मिल सकती है। दिल्ली की सरकार के पास Vodafone Idea में 49 फीसदी का stake है इसलिए यह सब कुछ एक policy matter बन गया है।
AGR क्या है और क्यों यह महत्वपूर्ण है
AGR का मतलब है telecom companies को सरकार को अपनी कुल आमदनी का एक हिस्सा देना पड़ता है। यह license fees और spectrum charges के तौर पर दिया जाता है। लेकिन सरकार और telecom companies के बीच इस बारे में बहुत झगड़ा हुआ है कि AGR में किन चीजों को शामिल किया जाए। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि सरकार का तरीका सही है और अब सभी telecom operators को ₹93,000 करोड़ तक बकाया देना पड़ा।
Vodafone Idea को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उनके ऊपर ₹70,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। पिछली बार सरकार ने एक नया demand भेजा था जिसमें ₹9,450 करोड़ और मांगे गए थे। वोडाफोन आइडिया ने कहा कि ये गणना में गलतियां हैं और कुछ चीजें दोहराई गई हैं। अब कोर्ट ने सरकार को ये सब दोबारा देखने की इजाजत दे दी है।

AGR के बारे में जरूरी जानकारी
- ₹92,000 करोड़ का कुल बकाया था
- Vodafone Idea पर सबसे ज्यादा बोझ है
- 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था
- अब सरकार को फिर से देखने की अनुमति दी गई है
- यह एक policy matter है, कोर्ट के हाथ नहीं है
Vodafone idea शेयर की कीमत में ये क्यों उछाल आया
जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो Vodafone Idea के शेयर की कीमत पर असर पड़ा। सोमवार को stock ₹9.62 पर खुला था और फिर ₹10.57 तक पहुंच गया। यह लगभग 10% की बढ़ोतरी थी। निवेशकों को लगा कि अब कुछ संभव है। शेयर की कीमत में आए दो महीने में 72% की बढ़ोतरी हुई है। लोगों को विश्वास है कि सरकार कुछ राहत दे सकती है क्योंकि सरकार खुद इसमें 49% का मालिक है।
अगर सरकार AGR बकाया को कम कर दे या कुछ माफ कर दे तो Vodafone Idea को बहुत मदद मिल सकती है। कंपनी 5G नेटवर्क में निवेश कर सकती है और अपनी सेवा बेहतर बना सकती है। 20 करोड़ ग्राहक इस कंपनी का use करते हैं इसलिए उनके बारे में भी सोचना पड़ता है।
क्या होगा आगे
अब सरकार के पास यह फैसला लेने की जिम्मेदारी है कि AGR बकाया को कैसे settle किया जाए। सरकार के वकील ने कोर्ट में कहा कि सरकार खुद सोचकर कोई फैसला लेगी जो तमाम लोगों के लिए अच्छा हो। कुछ विशेषज्ञों को लगता है कि सरकार एक बार में ही कुछ राहत दे सकती है और कुछ penalty माफ कर सकती है।
यह सब telecom sector के लिए अच्छा है क्योंकि वोडाफोन आइडिया को strong रहना चाहिए ताकि industry में competition बना रहे। Jio और Airtel के अलावा अगर तीसरा player strong नहीं है तो सब को नुकसान होगा।
यह भी पढ़ें :-
- Nothing Phone 3a का Android 16 Beta, लॉक ग्लिम्पस फीचर्स, Stretch Camera, नए Icons – सब कुछ जानिए
- iPhone 17 Pro Max : Cosmic Orange से Pink में बदल रहा, 48MP कैमरा और ₹1.49 लाख की कीमत
- Samvardhana Motherson: Volkswagen की चिंता, BMW की चेतावनी, शेयर पर दबाव, क्या अब गिरता रहेगा?
- Infosys Buyback : 18,000 करोड़, लेकिन संस्थापक Narayana Murthy नहीं लेंगे, आखिर क्या है पूरा मसला, क्या बाकि लोगो के लिए अच्छा रहेगा ?








