Air Force Day : हर साल 8 अक्टूबर को Air Force Day भारत में उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है। 1932 में वही दिन भारतीय वायु सेना ( Indian Air Force ) की स्थापना हुई थी। तब से हर साल इस दिन पायलट, तकनीशियन, ग्राउंड स्टाफ और पूरे संगठन की वीरता, सेवा और बलिदान को सम्मानित किया जाता है। मुख्य समारोह दिल्ली के बिनानगर एयर बेस में होता है, जहां रंगारंग एयर शो और परेड दिखाई जाती है।
Air Force Day : भारत सरकार इस मौके पर नए एयरक्राफ्ट भी शामिल करती है। पिछले साल पांच नए हल्का लड़ाकू विमान तथा उन्नत हेलीकॉप्टर का आगमन हुआ था। वायुसेना प्रमुख तिरंगा समारोह के बाद अपनी यूनिटों का दौरा करते हैं और जवानों का मनोबल बढ़ाते हैं। Air Show में राफेल, सुखोई, मिराज और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों की करामाती उड़ानें देखने को मिलती हैं।

सेलिब्रेशन के मुख्य पहलू : Air Force Day
- मुख्य समारोह ‘ड्रेस पैराेड’ और ‘हेलमेट-अप’ के साथ शुरू होता है।
- ‘सैल्यूट फ्लाईपास’ में विमानों से तिरंगा फहराया जाता है।
- ‘डॉग शो’ और ‘पैरामोटर शो’ दर्शकों का मन मोह लेते हैं।
- वायु सेना स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
- वायुसेना भवनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और नृत्य होते हैं।
वायु सेना की गतिविधियों में नवनवीन तकनीक और इंडियन एयर डिफेन्स सिस्टम (IADS) का परिचय भी दिया जाता है। इस दिन नई ड्रोन तकनीक, रडार सिस्टम और अगली पीढ़ी के हथियार दिखाए जाते हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार के तहत नए हैलीपैड और रनवे की योजनाएं राज्यों में भी जारी रहती हैं।
गौरव और योगदान – कौन कौनसे युद्ध लडे
वायुसेना ने 1947 के भारत-पाक युद्ध, 1965 और 1971 के युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एयरलिफ्ट ऑपरेशन ‘पोलार्ड एयरलिफ्ट’ और 2019 में बालाकोट स्ट्राइक में रूस और फ्रांस के विमानों के साथ भारतीय पायलटों ने उच्च कौशल दिखाया। वायुसेना ने खोज और बचाव मिशन, आपदा राहत और मानवीय सहायता में भी योगदान दिया है।
दिनभर देशव्यापी रेडियो और टेलीविजन चैनलों पर एयर फोर्स डे स्पेशल प्रोग्राम चलते हैं। सोशल मीडिया पर #AirForceDay2025, #IAFPride और #YearOfTheLonePilot जैसे हैशटैग ट्रेंड करते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को वायुसेना कैडेट कोर्सेज़ और करियर विकल्पों की जानकारी दी जाती है
क्यों है 8 अक्टूबर का दिन Indian Air Force के लिए ख़ास
- इसकी स्थापना 8 अक्टूबर, 1932 को “रॉयल इंडियन एयर फ़ोर्स” के रूप में हुई थी।
- आज़ादी के बाद, “रॉयल” शब्द हटा दिया गया और इसे ” Indian Air Force ” के नाम से जाना जाने लगा।
- यह दिन हमारे उन वीर वायु योद्धाओं को समर्पित है जो अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की सुरक्षा और आपदा राहत कार्यों में अपना योगदान देते हैं।
आग्नेय काल में तैयारियाँ
India Air Force : आगामी वर्ष के मिशन और अभ्यासों के लिए एयर फोर्स डे पर घोषणा की जाती है। совмест अभ्यास ‘विल्ड फायर’ और बहुराष्ट्रीय अभ्यास ‘Ex BrahMos’ जैसी योजनाएं साझा होती हैं। वायुसेना जवान नई चुनौतियों के लिए तैयार रहते हैं और देश की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।
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